स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी

स्ट्रेचिंग मनुष्यों के लिए एक बुनियादी और सहज गतिविधि है। लंबी ड्राइविंग या नींद के बाद व्यक्ति स्वतः ही शरीर को खींचता है। माता के गर्भ में भी बच्चा अपने अंगों को खींचता और फैलाता है जिससे बच्चे के साथ ही माता-पिता को भी आनंद का अनुभव होता है।

athlete stretchएथलीट खेल सम्बन्धी चोटों के जोखिम को कम करने और अपने प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए लचीलेपन और स्ट्रेचिंग का अभ्यास करते हैं (Prentice, William E)। स्ट्रेचिंग के दौरान, किसी मांसपेशी की लोच और टोन को बेहतर बनाने के लिए उसे खींचा जाता है (Weerapong, Pornratshanee et al.)। कई प्रकार की स्ट्रेचिंग तकनीकों को फिजियोथेरेपिस्ट, और S & C कोच इस्तेमाल करते हैं जैसे कि, Static, Dynamic, Proprioceptive Neuromuscular Facilitation (PNF) और Self Myofascial Release (SMF) स्ट्रेचिंग आदि। मांसपेशियों की ऐंठन के उपचार में भी स्ट्रेचिंग का चिकित्सीय उपयोग होता है (Dagenais, Marc)।

स्ट्रेचिंग विवाद

कुछ ऐसे अध्ययन हुए हैं जो स्ट्रेचिंग के तुरंत बाद शक्ति परफॉरमेंस वाले प्रोटोकॉल पर स्ट्रेचिंग के नकारात्मक प्रभाव को प्रदर्शित करते हैं (Winchester, JB et al; Arnold G Nelson et al.)। यद्यपि इन अध्ययनों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि खिंचाव से प्रेरित ताकत निषेध में कई तंत्र शामिल हो सकते हैं, फिर भी कुछ कोच अन्यथा सोचते हैं। कुछेक कोचों ने अपने लेखों में प्रकाशित किया कि स्ट्रेचिंग की ज़्यादा अहमियत नहीं है, और इसके अभ्यास से के बराबर लाभ मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि लचीलेपन के अभ्यास से केवल क्षणिक सुधार प्राप्त होता है, वह भी परफॉरमेंस के लिए आवश्यक मोटर नियंत्रण के बगैर।

इस तरह की Blanket Statements ने विवाद खड़ा कर दिया और जनता को भ्रमित किया। जैसा कि कहा जाता है, “हम वास्तविकता की तुलना में कल्पना से अधिक पीड़ित होते हैं” यहाँ स्ट्रेचिंग द्वारा प्रदर्शन को बाधित करने के डर का मामला भी इसी समान ही है।

खिंचाव से प्रेरित ‘शक्ति हानि’, भाग में, स्ट्रेचिंग के निरोधात्मक प्रभाव के कारण होती है (Avela et al.)। इसके अलावा, Elite एथलीटों के लिए केवल 2% Power की कमी दर्ज की गई है। और वह भी सिर्फ Static स्ट्रेचिंग में ही, न कि तब जब कि Dynamic और Static स्ट्रेचिंग अभ्यास संयुक्त रूप से किये गए (Torres et al.)। यह इंगित करता है कि स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी अभ्यास का एक सामान्य रूटीन सुरक्षित और प्रभावी है। इसके अलावा, यह भी दर्शाया गया है कि स्ट्रेचिंग की पूर्व-सहभागिता मांसपेशियों के अतिरिक्त तनाव को कम करने के लिए फायदेमंद होती है (Ekstrand et al.; Bixler & Jones; Amako et al.; Hadala & Barrios)।

स्ट्रेचिंग करें या नहीं?

जब आपका उद्देश्य range of motion को बढ़ाने का हो, तो स्ट्रेचिंग ही सबसे तेज़ संभव मार्ग है। दैनिक स्ट्रेचिंग आपकी range of motion, बेहतर खेल प्रदर्शन और संतुलन में त्वरित लाभ पाने में मदद करती है।

Anterior Pelvic Tilt (APT)

यदि आपकी शारीरिक मुद्रा और Posture सही नहीं है, जैसे झुके हुए कंधे, पीठ में कूबड़, या झुका हुआ सिर आदि, तो नियमित रूप से खराब पोस्चर में लिप्त मांसपेशिओं को खींचने की आदत बनायें। उदाहरण के लिए, यदि आपको Anterior Pelvic Tilt (APT) के कारण कमर दर्द का अनुभव होता है, तो योग्य स्ट्रेचिंग और मोबिलिटी के अभ्यास के साथ कमजोर मांसपेशियों को मजबूत करने के द्वारा इस शारीरिक विकार को सही करें।

नियमित रूप से स्ट्रेचिंग का अभ्यास आपके जीवन की उत्तर-काल में कूल्हों और हैमस्ट्रिंग की गतिशीलता को बनाए रखने में मदद करता है। चूंकि यह दोनो मांसपेशियों के समूह लचीलेपन को तेज़ी से खोते हैं जिस से कि घुटने और कूल्हे की पीड़ा जैसी समस्याएं पैदा होती हैं, इसलिए शरीर के लचीलेपन को बनाये रखना एक सुयोग्य विचार है।

एथलीटों के लिए अलग-अलग प्रकार की स्ट्रेचिंग तकनीकों का इस्तेमाल करने से, परफॉरमेंस और माँसपेशीओं की विकास की दौरान, जकड़न को कम करने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, विशेष रूप से समस्याग्रस्त प्रेसिंग पैटर्न के लिए लचीलेपन के साथ-साथ गतिशीलता को सुधारने के लिए वज़न द्वारा मांसपेशिओं को खींचना। इस से न केवल तंग स्थानीय संकुचित ऊतकों को राहत मिलती है बल्कि इस प्रक्रिया से संचार पैटर्न में भी सुधर होता है।

स्ट्रेचिंग का अभ्यास

स्ट्रेचिंग का सबसे आम तरीका है किसी मांसपेशी को एक विस्तारित स्थिति में कुछ सेकंड के लिए पकडे रखना। इसे Static स्ट्रेचिंग कहा जाता है। लंबे समय से चली आ रही मांसपेशी की जकड़न को दूर करने के लिए यह सबसे प्रभावी है, विशेषकर उन परिस्थितियों में जब दर्द या शिथिलता के चलते हिल-जुल से मांसपेशी को सक्रिय करना संभव ना हो। वृद्ध या विकलांग व्यक्ति जिनके लिए Dynamic स्ट्रेचिंग संभव नहीं है, Static स्ट्रेचिंग एक योग्य विकल्प है।

Dynamic स्ट्रेचिंग एथलीटों के लिए, व्यावहारिक रूप से, Static स्ट्रेचिंग जितनी ही असरदार है। किसी खास मूवमेंट पैटर्न को ट्रैन करने की लिए बना हुआ डायनामिक गतिविधियों का Warm-Up रूटीन ना सिर्फ जोड़ों की गतिशीलता में वृद्धि करता है, पर साथ ही नर्वस सिस्टम की सक्रियता को भी व्यवस्थित तरीके से बढ़ता है।

SMR तकनीकों में soft tissue संचलन, connective tissue massage और अत्यधिक तंग fascia (मांसपेशियों पर लिपटा एक लोचदार संयोजी ऊतक) की मालिश शामिल है। फोम रोलर्स, टेनिस / लैक्रोस गेंदों, स्टिक्स और bars जैसे साधनों को Self-Massage की लिए उपयोग में लाया जाता है, साथ ही Trigger Point Therapy और Active Release तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाता है।

PNF स्ट्रेचिंग की तकनीक ऑटोजेनिक अवरोध और पारस्परिक निषेध जैसी Neuromuscular प्रतिक्रियाओं पर आधारित होती है। अधिकांश प्रचलित तकनीकों में PNF की दो प्रक्रियाएं शामिल हैं (McAtee RE):

  1. Eccentric Isotonic Contraction – जब एक प्रयुक्त बल का विरोध करते हुए मांसपेशी स्ट्रेच होती है। उदाहरण के लिए, loaded stretching technique¹।
  2. Isometric Muscle Contraction – जब संकुचन के दौरान मांसपेशियों की समान लंबाई रहती है। उदाहरण, eccentric quasi-isometric technique²।

अंत में

सामान्य उद्देश्य से स्ट्रेचिंग के नियमित उपयोग के लिए यहां एक बुनियादी योजना दी जा रही है।

दैनिक Static स्ट्रेचिंग रूटिन

प्रत्येक स्ट्रेच को 15 से 30 सेकंड तक पकड़िए। अधिक जकड़न के लिए दो मिनट तक पकड़ सकते हैं। 2 से 3 बार या आवश्यक अनुसार दोहराएँ।

  1. Hip Flexor Stretch with Reach

    Hip Flexor Stretch with Reach
    Hip Flexor Stretch with Reach
  2. Hamstring Stretchhamstring stretch
  3. Glute Stretch glute stretch
  4. Groin Stretchgroin stretch
  5. Thoracic Spine Rotation T-Spine-Rotation
  6. Lats Stretchlat stretch
  7. Pectoralis Stretchpec stretch
  8. Shoulder Internal Rotator Stretch

    Internal Rotators Stretch with Towel
    Internal Rotators Stretch
  9. Shoulder Stretchshoulder stretch

दैनिक Dynamic Mobility अभ्यास

10 पुनरावृत्तियों (Reps) के साथ प्रत्येक अभ्यास के आवश्यकता अनुसार 2 से 3 सेट करें।

  1. Cat-Camel cat camel
  2. Back Rollsback rolls
  3. Fire Hydrant Circles: अपने पैर को पहले दक्षिणावर्त (Clockwise) घुमाएं, और फिर उत्तरावर्त (Anti-Clockwise) दिशा मेंfire-hydrant
  4. Trunk Rotationsiron cross
  5. Mountain Climbersmountain climber
  6. Frog Stance Sways: एक नियंत्रित तरीके से आगे से पीछे की ओर लहराइयेfrog stretch
  7. Shoulder Dislocators shoulder dislocation exercise
  8. Band Pull-apart band pullapart
  9. Wall Facing Squats wall facing squat

टिप्पणियाँ:

  1. Loaded Stretching Technique

इस पद्धति में, आप अपेक्षाकृत भारी प्रतिरोध का उपयोग (लेकिन फार्म और नियंत्रण खोये बिना) किसी टाइट मांसपेशी को एक धीमी और नियंत्रित गति (लगभग 5 से 8 सेकंड तक) से स्ट्रेच करने में करते हैं। अधिकतम खिंचाव पर क्षणिक रोकें और नियंत्रण में वापिस लेकर जाएँ। 8 से 10 Reps के साथ आरंभ करें और धीरे धीरे 20 Reps तक प्रगति करें। प्रत्येक Rep पर थोड़ा अधिक स्ट्रेच करने की कोशिश करें। अपने टाइट पेशी समूह के अंतिम सेट पर इस तकनीक का उपयोग करें।

2. Eccentric Quasi-Isometric Technique

इस तकनीक में आप अपने मांसपेशी को प्रतिरोध द्वारा एक Stretched स्थिति में पकड़ते हैं। आप धीरे-धीरे मांसपेशियों को और खींचते हैं और अधिकतम खिंचाव पर थाम कर रखते हैं। पकड़ का समय 60 सेकंड है जिसे 3-4 बार दोहराया जाता है। एक अनुदार वजन के साथ शुरू करें और धीरे-धीरे अपनी ताकत के अनुसार वजन में वृद्धि करें। मांसपेशियों थकान की दौरान और ज़्यादा स्ट्रेच होती हैं जिससे Range of Motion में सुधार होता है। इस विधि के अभ्यास की दौरान मांसपेशियों का नियंत्रण मत खोइये, मांसपेशियों को हर समय संकुचन की अवस्था में रहना चाहिए।

संदर्भ

  • Amako M, Oda T, Masuoka K, Yokoi H, Campisi P. Effect of static stretching on prevention of injuries for military recruits. Mil Med 2003: 168: 442446.
  • Arnold G Nelson, Nicole M Driscoll, Dennis K Landin, Michael A Young, and Irving C Schexnayder. Acute effects of passive muscle stretching on sprint performance. Journal Of Sports Sciences Vol. 23 , Iss. 5,2005.
  • Avela J, Kyröläinen H, Komi PV. Altered reflex sensitivity after repeated and prolonged passive muscle stretching. J Appl Physiol 1999: 86: 12831291.
  • Bixler B, Jones RL. High-school football injuries: effects of a post-halftime arm-up and stretching routine. Fam Pract Res J 1992: 12 (2): 131139.
  • Dagenais, Marc (December 2011) Softball Training Tips – Do you know how to stretch? softballperformance.com
  • Ekstrand J, Gillquist J, Liljedahl SO. Prevention of soccer injuries. Supervision by doctor and physiotherapist. Am J Sports Med 1983: 11: 116120.
  • Hadala M, Barrios C. Different strategies for sports injury prevention in an America’s Cup Yachting Crew. Med Sci Sports Exerc 2009: 41: 15871596.
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  • McAtee RE, Charland J. Facilitated stretching: assisted and unassisted PNF stretching made easy. 2nd ed. Champaign (IL): Human Kinetics, 1999.
  • Prentice, William E. (2003) Principles of Athletic Training, McGraw Hill.
  • Torres EM, Kraemer WJ, Vingren JL, Volek JS, Hatfield DL, Spiering BA, Ho JY, Fragala MS, Thomas GA, Anderson JM, Häkkinen K, Maresh CM.Effects of stretching on upper-body muscular performance. J Strength Cond Res 2008: 22: 12791285.
  • Weerapong, Pornratshanee; Hume, Patria A.; Kolt, Gregory S. (2004). “Stretching: Mechanisms and Benefits for Sports Performance and Injury Prevention”. Physical Therapy Reviews. 9 (4): 189–206.
  • Winchester et al (2009). A single 30-s stretch is sufficient to inhibit maximal voluntary strength. Research Quarterly for Exercise and Sport. Vol 80 (2) pp. 257-261.

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